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पर्वतराज हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम की महिमा:Glory of kedarnath dham located in the mountains Himalayas


पर्वतराज हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम की महिमा: Glory of Kedarnath Dham located in the mountains Himalayas


पर्वतराज हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम की महिमाGlory of kedarnath dham located in the mountains Himalayas
पर्वतराज हिमालय में स्थित केदारनाथ धाम की महिमाGlory of kedarnath dham located in the mountains Himalayas


केदारनाथ धाम की महिमा 

भारत में  में स्थित केदारनाथ धाम जहाँ वराजमान है श्री केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग जो द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक है केदारनाथ धाम भक्तों की आस्था का केंद्र बिंदु है इसलिए भक्त देश विदेश से केदारनाथ धाम में आते है  पुराणों एवं शास्त्रों में  केदारनाथ धाम में स्थित श्री केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग की महिमा का वर्णन बारम्बार किया गया है।

केदारनाथ धाम की महिमा 

 यह ज्योतिर्लिंग पर्वतराज हिमालय की  केदार नामक चोटीपर  स्थित है यहाँ की   प्राकृतिक शोभा देखते ही बनती है। इस  चोटीके पश्चिम भागमें पुण्यमती मन्दाकिनी  नदी के तटपर स्थित केदारेश्वर महादेव का मन्दिर अपने स्वरूप से ही हमें धर्म और अध्यात्म की ओर बढ़ने का सन्देश देता है। चोटी के पूर्व में अलकनन्दा के सरम्य तटपर बदरीनाथ का परम प्रसिद्ध मन्दिर है। अलकनन्दा और  मन्दाकिनी-ये दोनों नदियाँ नीचे रुद्रप्रयाग में आकर मिल जाती हैं।दोनों नदियों की यह संयुक्त धारा और नीचे देवप्रयागमें आकर भागीरथी मन गङ्गा से मिल जाती हैं।

केदारनाथ धाम की महिमा 

 इस प्रकार परम पावन गङ्गाजी में स्नान करने वालों को भी श्री केदारेश्वर और बदरीनाथ के चरणों को धोनेवाले   जलका स्पर्श सुलभ हो जाता है। । इस अतीव पवित्र पुण्यफलदायी ज्योतिर्लिंग की स्थापना के विषय में शिव पुराण में यह कथा गयी है- सूतजी कहते हैं-ब्राह्मणो ! अनन्त रत्नोंके जनक, अतिशय पवित्र, हो तपस्वियों, ऋषियों, सिद्धों, देवताओं की निवास-भूमि पर्वतराज हिमालय के केदारनाथ धाम में अत्यन्त शोभाशाली शृङ्गपर महातपस्वी श्रीनर और नारायणने बहुत वर्षोंतक भगवान् शिवको प्रसन्न करनेके लिये बड़ी औ कठिन तपस्या की। कई हजार वर्षांतक वे निराहार रहकर एक पैर पर है। 

केदारनाथ धाम की महिमा 

खड़े होकर शिवनामका जप  करते बहुत दिन बीत गये, तब एक समय परमेश्वर शिवने प्रसन्न होकर कहा-'मैं तुम्हारी आराधनासे बहुत संतुष्ट हूँ। तुम दोनों मुझसे वर माँगो।'उस समय उन के ऐसा कहनेपर नर और नारायण ने लोगों के हितकी कामना से कहा-'देवेश्वर ! यदि आप प्रसन्न हैं और यदि मुझे वर देना चाहते हैं तो अपने - स्वरूपसे पूजा ग्रहण करनेके लिये यहीं स्थित हो जाइये।'

केदारनाथ धाम की महिमा 

उन दोनों बन्धुओं के इस प्रकार अनुरोध करनेपर कल्याणकारी महेश्वर हिमालयके उस केदार तीर्थ में स्वयं ज्योतिर्लिंग के रूप में  स्थित हो गये। सम्पूर्ण दुःख और भयका नाश करनेवाले शम्भु लोगों का उपकार करने और भक्तों को दर्शन देनेके लिये स्वयं केदारेश्वर के नामसे प्रसिद्ध हो वहाँ रहते हैं। वे दर्शन और पूजन करनेवाले भक्तों को सदा अभीष्ट वस्तु प्रदान करते हैं। उसी दिन से लेकर जिसने भी भक्तिभाव से केदारेश्वर का पूजन किया, उसके लिये स्वज में भी दुःख दुर्लभ हो गया।

केदारनाथ धाम की महिमा 

 जो भगवान् शिवका प्रिय भक्त वहाँ शिवलिंग के निकट शिव के रूप से अंकित वलय (कंकण या कड़ा) चढ़ाता है, वह उस वलय युक्त स्वरूप का दर्शन करके समस्त पापों से मुक्त हो जाता है, साथ ही जीवन्मुक्त भी हो जाता है। जो बदरीवनकी यात्रा करता है, उसे भी जीवन्मुक्ति प्राप्त होती है। नर और नारायणके तथा केदारेश्वर शिवके रूपका दर्शन करके मनुष्य मोक्षका भागी होता है, 

केदारनाथ धाम की महिमा 

नारायण के तथा केदारेश्वर शिव के रूपका दर्शन करके मनुष्य मोक्ष का भागी होता है, इसमें संशय नहीं है। केदारेश्वर में भक्ति रखने वाले जो पुरुष वहाँ की यात्रा आरम्भ करके उनके पासतक पहुँचने के पहले मार्गमें ही मर जाते हैं, वे भी मोक्ष पा जाते हैं इसमें विचार करनेकी आवश्यकता नहीं है। 

केदारनाथ धाम की महिमा 

केदारधाम में पहुँचकर वहाँ प्रेमपूर्वक केदारेश्वर की पूजा करके वहाँका जल पी लेनेके पश्चात् मनुष्यका फिर जन्म नहीं होता। ब्राह्मणो! इस भारतवर्षमें सम्पूर्ण जीवोंको भक्तिभावसे भगवान् नरनारायण  की तथा केदारेश्वर शम्भुकी पूजा करनी चाहिये और इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन पूजन तथा यहाँ स्न्नान करने से भक्तों को लौकिक फलों की प्राप्ति होने के साथ साथ अचल शिव भक्ति तथा मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाती है          

    केदारनाथ धाम की महिमा संपूर्ण 

                                                                                       राधे राधे 



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