Story of negative friend and positive friend short Story in hindi : नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी



Story of negative friend and positive friend short Story in hindi : नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 

Story of negative friend and positive friend short Story in hindi : नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी
Story of negative friend and positive friend short Story in hindi 


एक गांव में दो दोस्त रहते थे एक का नाम था नकारात्मक और दूसरे दोस्त का नाम था सकारात्मक दोनों दोस्त एक दूसरे के पड़ोसी थे वे दोनों एक साथ ही पढ़ते थे एक साथ ही खेलते थे और एक साथ ही स्कूल जाते थे समय बीतता गया अब दोनों बड़े  हो गये  जीवन को जानने लगे और  हर  काम को अपनी ही मेहनत पर करने लगे कुछ सालों बाद सकारात्मक दोस्त एक बिजनेसमैन बन गया लेकिन नकारात्मक दोस्त कोई भी काम करता तो  उसमें सफल नहीं हो पाता अगर हो भी जाता तो  उसको ज्यादा दिनों तक नहीं कर पाता और उसकी जिंदगी भी बस ऐसे ही कटने लगी और वह भी टूटने लगा   वह समझ नहीं पा रहा था 

नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है मेरे साथ लेकिन उसे उसकी समस्या का हल नहीं मिल रहा था ऐसे ही खुद से बात करते करते कहीं जा रहा था इतने में उसकी नजर अपने दोस्त पर पड़ी जो बहुत महंगी गाड़ी में कहीं जा रहा था और कहने लगा अरे ये तो मेरे बचपन का दोस्त है यह तो कैसे इतना बड़ा आदमी बन गया और उसे देखकर नकारात्मक दोस्त जलने लगा और खुद से कहने लगा में अभी तक कुछ नहीं कर पाया और मेरा दोस्त इतना बड़ा कैसे आदमी बन गया   उसकी ईष्या ( जलन ) का तो ठिकाना न रहा  और वह भी सकारात्मक दोस्त की तरह बनने का ख्वाब देखने लगा तो फिर क्या था उसने सोचना चालू किया ऐसा क्या काम किया जाए 

नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
जिससे मैं भी ऐसा बड़ा आदमी बन सकूं तो पहले तो उसने लेखक का काम किया और सोचने लगा मैं एक लेखक बन जाऊंगा और मेरी किताबे लोग पढ़ेंगे उन्हें खरीदेंगे तो मैं भी सकारात्मक दोस्त की तरह पैसे वाला आदमी बन जाऊंगा लेकिन कुछ दिन  तक तो ठीक रहा उसके बाद उसने काम भी छोड़ दिया और दूसरे काम  को  करने लगा फिर उसने ठेकेदार का काम शुरू कर दिया  और सोचने लगा अब मैं दूसरों के घर बनाऊंगा इससे खूब सारा पैसा कमा लूंगा फिर मैं भी सकारात्मक दोस्त की तरह बड़ी सी गाड़ी खरीदूंगा लेकिन कुछ दिनों बाद उसने वो काम भी छोड़ दिया और दूसरे काम को ढूढ़ने लगा लेकिन अब तो हद हो गई  

नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
वह काम करता और कुछ दिनों बाद उसे छोड़ देता बहुत दिनों तक ऐसे ही करता रहा लेकिन कोई भी काम में सफल ना हो सका और अपने दोस्त के पास जा पहुंचा और सकारात्मक दोस्त  से  माफी मांगने लगा हमें माफ करदो तुम नहीं जानते मैंने तुमसे कितनी ईष्या ( जलन )  इसलिए मुझे माफ करदो  दोस्त ने उसे उठाया और बैठाया नकारात्मक दोस्त को आदर सम्मान दिया क्योंकि वह अपने नाम की तरह अंदर से सकारात्मक विचारो का था नकारात्मक दोस्त ने  सकारात्मक दोस्त से पूछा हम दोनों साथ-साथ पढ़े लिखे हम दोनों एक साथ क्लास में अच्छे नंबर से पास होते थे 

नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
फिर भी मैं जीवन में तुम जैसा क्यों नहीं बन पाया तो  सकारात्मक दोस्त ने कहा बस इतनी सी बात है जो तुम्हें परेशान कर रही है और  उत्तर दिया सफलता एवं लक्ष्य उन लोगों को हासिल होते हैं जो बिल्कुल तन-मन जी जान लगाकर उस काम को करते हैं जिसमें वो सफल होना चाहते हैं तो निश्चित ही एक दिन वे उस काम सफल हो जाते हैं या लक्ष्य  को पा  लेते है लेकिन तुम कोई भी काम में सफल इसलिए नहीं हो पाए  क्योंकि तुम काम तो शुरू कर देते थे लेकिन तुम्हारे नकारत्मक विचार  तुम्हें बार-बार परेशान करते थे और तुम उन्हीं नकारत्मक  विचारों में उलझ जाते और  सोचने होगे इस काम को नहीं कर पाऊंगा इसमें मेहनत करनी पड़ती है 

नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
और मैं इसमें सफल नहीं हो पाऊंगा   ऐसे विचार तुम्हारे मन को बार-बार परेशान करते थे  इसलिए तुम एक काम शुरू करते और नकारत्मक विचार आते तो तुम कुछ दिन तक उस काम को करते  और फिर उस काम को छोड़ देते इसलिए तुम कोई भी काम में सफल नहीं हो पाए लेकिन मुझे देखो मैं एक बिजनेसमैन हूं और आज इस शहर में मेरा नाम हैं  और साथ ही में एक सफल व्यक्ति भी हूं इसका कारण सिर्फ एक ही है कि मैंने जी जान से सिर्फ एक काम को पकड़ा और मुझे शौक  था 

नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
बिजनेसमैन बनने का और इस में कुछ कर दिखाने  का  इसलिए जब मैने इस काम की  शुरुआत की थी तो मुझे भी तुम्हारी तरह नकारत्मक विचारों ने मुझे बार बार परेशान की लेने मैंने इनको अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और मैंने इन विचरों को  सकारात्मक विचारों में बदल दिया इन्हीं की वजह से मैं आज एक सफल बिजनेसमैन बन पाया हूँ  अगर मैंने भी तुम्हारी तरह नकारात्मक विचारों से परेशान होकर अपने सकारात्मक विचारों पर आने दिया होता
  
नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी 
तो शायद मैं भी तुम्हारी तरह कोई भी काम नहीं कर पाता और आज एक सफल बिजनेसमैन नहीं बन पता फिर नकारात्मक दोस्त ने अपने दोस्त की सीख (प्रेरणा )को अपने जीवन में अपना लिया और उसने भी नकारात्मक विचारों को छोड़ कर सकारात्मक विचारों को जीवन में अपना लिया  वो भी सकारात्मक विचारों की महानता को समझ गया  

प्रेरणा 

दोनों दोस्तों की कहानी हमारे जीवन पर भी लागू होती है हम भी जीवन में कुछ करना चाहते हैं बनना चाहते हैं और उस राह पर चलना भी शुरू कर देते है  लेकिन नकारात्मक दोस्त की तरह हमारे विचार भी हो जाते हैं और फिर हम उस काम को या तो करते नहीं  या बीच में ही छोड़ देते हैं अब  बताइए सफलता मिले तो कैसे  इसलिए  कोई भी काम करो  पर अपने नकारात्मक विचारों को छोड़कर करो      
Story of negative friend and positive friend short Story in hindi : नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी Story of negative friend and positive friend short Story in hindi : नकारात्मक दोस्त और सकारात्मक दोस्त की कहानी Reviewed by ARVIND on October 11, 2019 Rating: 5

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