देव तीर्थ असुर तीर्थ और मनुष्य तीर्थ भी होते हैं क्या आप जानते है:Do you know the types of Tirth yatra


Do you know the types of Tirth yatra

Do you know that Dev Tirth is also Asura tirth and manushyTeertha

 

हम सभी भक्त लोग तीर्थों पर जाते है वहाँ दान देते है धर्म पुन करते है लेकिन आप जानते हैं तीर्थों को भी अलग अलग प्रकार से दर्शया गया है मतलब तीर्थों के भी प्रकार होते है जैसे देव तीर्थ देवों ने बनाएं आसुर तीर्थ आसुर ने बनायें और मनुष्य तीर्थ वहां भगवान की आराधना से होगए एवं ऋषि तीर्थ जो ऋषि की दें हैं जो हमें मोक्ष को देने वाले एवं नरकों से बचाने वाले है 

Do you know the types of Tirth yatra

एक बार नारदजीने पूछा-  ब्रह्मा जी ! स्वर्गलोक, मनुष्य लोक 
और रसातल में कुल कितने तीर्थ हैं   ब्रह्माजी बोले-देवर्षे! स्वर्गलोक, मर्त्यलोक ( मनुष्य लोक )  और रसातलमें चार प्रकारके तीर्थ हैं-दैव, आसुर, आर्ष ( ऋषि )  और मानुष। ये तीनों लोकोंमें विख्यात हैं। जम्बूद्वीप ( संपूर्ण एशिया खंड ) में भारत वर्ष तीर्थ भूमि है। वह तीनों लोकोंमें विख्यात है। वह कर्मभूमि है, इसलिये उसे तीर्थ कहते हैं। 

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हिमालय और विन्ध्यपर्वतके बीचमें छः ऐसी नदियाँ हैं, जिनका प्राकट्य ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव-इन देवताओं से हुआ है। इसी प्रकार दक्षिणसमुद्र तथा विन्ध्यपर्वत के बीचमें भी छ; देवसम्भव नदियाँ हैं। ये बारह नदियाँ प्रधानरूपसे बतलायी गयी हैं। गोदावरी, भीमरथी, तुङ्गभद्रा, कृष्णवेणी, तापी और पयोष्णी-ये विन्ध्यपर्वतके दक्षिणकी नदियाँ हैं। भागीरथी, नर्मदा, यमुना, सरस्वती, विशोका और वितस्ता-ये विन्ध्याचल और हिमालय पर्वतसे सम्बन्ध रखनेवाली नदियाँ हैं। इन पुण्यमयी नदियोंको देवतीर्थ बताया गया  है। 

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गय, कोल्लासुर, वृत्त, त्रिपुर, अन्धक, हयमूर्धा, लवण, नमुचि, शृङ्गक, यम, पातालकेतु, मय तथा पुष्कर-इनके द्वारा आवृत तीर्थ आसुर कहलाते हैं। प्रभास, भार्गव, अगस्ति, नर-नारायण, वसिष्ठ, भरद्वाज, गौतम और कश्यप-इन ऋषि-मुनियोंद्वारा सेवित तीर्थ ऋषितीर्थ हैं।मान्धाता, मनु, कुरु, कनखल, भद्राश्व, सगर, अश्वयूप, नचिकेता, वृषाकपि तथा अरिन्दम आदि मानवोंद्वारा निर्मित तीर्थ मानुष कहलाते हैं। 

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ये सब यश तथा उत्तम फलकी सिद्धिके लिये निर्मित हुए हैं। तीनों लोकोंमें कहीं भी जो स्वतः प्रकट हुए दैव तीर्थ हैं, उन्हें पुण्यतीर्थ कहा गया है।   ब्रह्मा जी बोले इस प्रकार मैंने तीर्थ-भेद बतलाये हैं। इनका चिंतन मनन एवं उनके दर्शन करने से पुन प्राप्ति होती है


देव तीर्थ असुर तीर्थ और मनुष्य तीर्थ भी होते हैं क्या आप जानते है:Do you know the types of Tirth yatra देव तीर्थ असुर तीर्थ और मनुष्य तीर्थ भी होते हैं क्या आप जानते है:Do you know the types of Tirth yatra Reviewed by madhur bhakti on December 11, 2019 Rating: 5

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