Vaidyanath Jyotirlinga वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग संपूर्ण कहानी

वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग की कथा 

वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग की कथा बहुत ही सुन्दर है वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग की कथा को  पढ़ने से आप सभी भक्तो के रोग-शोक सारे दूर होने वाले है 

 Vaidyanath Jyotirlinga
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 Vaidyanath Jyotirlinga

वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग के बारे में इस प्रकार की कहानी कहीं जाती है -एक बार रावण ने हिमालय पर जाकर भगवान् शिवका दर्शन प्राप्त करने के लिये बड़ी घोर तपस्या की। उसने एक-एक करके अपने सिर काटकर शिवलिंग पर चढ़ाने शुरू किये। 

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इस प्रकार उसने अपने नौ सिर वहाँ काटकर चढ़ा डाले। जब वह अपना दसवाँ और अन्तिम सिर काटकर चढ़ाने लगा  तब भगवान् शिव अति प्रसन्न
और सन्तुष्ट होकर उसके समक्ष प्रकट हो गये। शीश काटने को उद्यत रावण का हाथ पकड़कर उन्होंने उसे वैसा करने से रोक दिया। उसके नवों सिर भी पहले की तरह जोड़ दिये और अत्यन्त प्रसन्न होकर उससे वर माँगने को कहा। 

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रावण ने वरके रूप में भगवान् शिव से उस शिवलिंग को अपनी राजधानी लङ्का में ले जानेकी आज्ञा माँगी। भगवान् शिवने उसे यह वरदान तो दे दिया लेकिन एक शर्त भी उसके साथ लगा दिया। उन्होंने कहा, 'तुम इसे ले जा सकते हो किन्तु यदि रास्ते में इसे कहीं रख दोगे तो यह वहीं अचल हो जायगा, तुम फिर इसे उठा न सकोगे। 

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रावण इस बात को स्वीकार कर उस शिवलिंग को उठाकर लङ्का के लिये चल पड़ा। चलते-चलते एक जगह मार्ग में उसे लघुशङ्का करने की आवश्यकता महसूस हुई। वह उस शिवलिंग को एक व्यक्ति  के हाथ में थमाकर लघुशङ्का की निवृत्ति के लिये चल पड़ा। 

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उस व्यक्ति को शिवलिंग का भार अधिक लग रहा था इसलिए  वह उसे सँभाल न सका। विवश होकर उसने उसे वहीं भूमिपर रख दिया। रावण जब लौटकर आया तब फिर बहुत प्रयत्न करने के बाद भी उस शिवलिंग को किसी प्रकार भी उठा न सका। 

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अन्त में निरुपाय होकर उस पवित्र शिवलिंग पर अपने अँगूठे का निशान बनाकर उसे वहीं छोड़कर लङ्का को लौट गया। तत्पश्चात् ब्रह्मा, विष्णु आदि देवताओं ने वहाँ आकर उस शिवलिंग का पूजन किया। इस प्रकार वहाँ उसकी प्रतिष्ठा कर वे लोग अपने-अपने धाम को लौट गये। 
तभी से यह वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाने लगा   

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वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग के दर्शन से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है 
यह वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग अनन्त फलों को देनेवाला है। वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग को दूर-दूर से तीर्थों का जल लाकर चढ़ाने का विधान है। रोग-मुक्ति के लिये भी इस ज्योतिर्लिङ्ग की महिमा बहुत प्रसिद्ध है। पुराणोंमें बताया गया है कि जो मनुष्य इस  वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग  दर्शन करता है, उसे अपने समस्त पापोंसे छुटकारा मिल जाता है। उसपर भगवान् शिवकी कृपा सदा बनी रहती है। ऐसे वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग के हम अवश्य दर्शन करने चाहिए 

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Vaidyanath Jyotirlinga वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग संपूर्ण कहानी  Vaidyanath Jyotirlinga वैद्यनाथ-ज्योतिर्लिंग संपूर्ण कहानी Reviewed by madhur bhakti on January 03, 2020 Rating: 5

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